वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल जा रहे अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत नहीं देने पर फ्रांस की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए फ्रांस को 'गैर-सहयोगी' बताया और कहा कि अमेरिका इस बात को याद रखेगा। ट्रंप ने लिखा, 'फ्रांस ने उन विमानों को अपने क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी जो इजरायल के लिए सैन्य सामग्री लेकर जा रहे थे। ‘ईरान के कसाई’ के खिलाफ कार्रवाई में फ्रांस बिल्कुल मददगार नहीं रहा, जिसे सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है। अमेरिका इसे याद रखेगा।'
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फ्रांस के खिलाफ इजरायल का बड़ा कदम
इस बीच, जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने फ्रांस को रक्षा उपकरणों की बिक्री रोक दी है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह फैसला पिछले 2 वर्षों में फ्रांस के 'शत्रुतापूर्ण रवैये' के कारण लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने औपचारिक रूप से यह आदेश दिया है, हालांकि इतना बड़ा फैसला प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सहमति के बिना संभव नहीं माना जा रहा। एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा अमेरिकी विमानों को इजरायल जाते समय फ्रांसीसी हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने से रोकना 'आखिरी वजह' साबित हुआ, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

इटली ने यूएस को एयरबेस के इस्तेमाल से रोका
ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इटली ने भी अमेरिका को अपने सिगोनेला एयरबेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो ने सोमवार को यह फैसला लिया। इटली के अखबार ला रिपब्लिका के अनुसार, इटली ने यह फैसला तब लिया जब उसे अमेरिकी विमानों की उड़ान भरने की योजना के बारे में पता चला, जिसमें सिगोनेला में लैंडिंग के बाद पश्चिम एशिया जाने की बात थी। रिपोर्ट में कहा गया कि इस बारे में पहले न तो कोई इजाजत मांगी गई और न ही इटली के सैन्य अधिकारियों से सलाह ली गई थी। इसकी जानकारी तब दी गई जब विमान पहले ही उड़ान भर चुके थे।
इटली और स्पेन ने जताया युद्ध का विरोध
बता दें कि जांच में यह भी सामने आया कि ये सामान्य या लॉजिस्टिक उड़ानें नहीं थीं, इसलिए ये इटली के साथ हुए समझौते के दायरे में नहीं आती थीं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मार्च की शुरुआत में एक इंटरव्यू में कहा था, 'ये लड़ाई हम नहीं लड़ रहे हैं और न ही हम इस लड़ाई को चाहते हैं।' वहीं, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने भी अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों का विरोध किया है। उन्होंने 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद कहा था कि उनकी सरकार जंग के खिलाफ है। सांचेज ने दोहराया, 'हमारे सिद्धांत और मूल्य स्पष्ट हैं, हम युद्ध के खिलाफ हैं।'